Share Market में Share निचे जाता है तो क्या करना चाहिए

हेल्लो दोस्तों आज के इस आर्टिकल में आपको बताऊँगा कि Share Market में Share गिरने लगे तो आपको Share रखना चाहिए या बेच देना चाहिए और में क्या करता हु जाने आसान भाषा में ।

नमस्कार दोस्तों तो जब मैने कोई स्टॉक लिया हो और वो गिर जाए तो मैं क्या करता हूँ? और अगर आप स्टॉक ले रहे हैं और वो गिर जाएगा, ऐसा अक्सर होता है। अक्सर हम सबके साथ ऐसा होता है। Share लेते समय पर हम सोचते है की हमने बहुत अच्छे दाम पर लिया है।

लेकिन हमारे लेते ही वो शेयर और गिर जाता है। तो ऐसे में बहुत कन्फ्यूजन है कि क्या करना चाहिए। उससे बेच कर निकल जाना चाहिए। अगर वो गिरता जा रहा है, होल्ड करना चाहिए या फिर और खरीद के ऐवरेज कर लेना चाहिए। क्या करना चाहिए आपको। इसके बारे में अच्छे से जानेगे।

अगर आपने कोई शेयर लिया और उसके बाद तुरंत वो 20 30% या और ज्यादा गिर जाए तो आपको क्या करना है? पहला ऑप्शन कई लोगों को लगता है कि उसे सेल कर देना चाहिए। क्या ये ऑप्शन गलत देखिए? ऑप्शन सही या गलत कुछ नहीं होता।

डिपेंड करता है कि वो Share क्यों गिरा है, उसमें क्या प्रॉब्लम है, अगर वो Share इसलिए गिरा है क्योंकि उस कंपनी में कोई परमानेंट प्रॉब्लम आ गई है।

Share कब बेचना चाहिए?

जिस तरीके से आप सोच सकते हैं कि जेट एयरवेज़ हो सकता है। अब जेट एयरवेज़ कभी उड़ान न भरें। हो सकता है अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप की कुछ कमियां बिज़नेस से बाहर हो जाए।

बैंक करप्ट हो जाए तो अगर ऐसा प्रॉब्लम है, जिससे ये डर लग रहा हो कि कंपनी परमानेंटली अपना बिज़नेस खो सकती है। तब तो आपको लॉस बुक करके निकल जाना चाहिए। अगर लग रहा हो कि कंपनी परमानेंटली खत्म हो सकती है।

कब Share को होल्ड करना चाहिए?

दुसरा ऑप्शन की होल्ड कब करना चाहिए। तो अगर आपको लग रहा है कि कम्पनी में परमानेंट प्रॉब्लम नहीं टेम्परेरी प्रॉब्लम है, जैसे कि नेस्ले के साथ हुआ था, जब मैगी में कुछ प्रोब्लम्स आयी थी, जैसा कि बहुत सारी कंपनियों के साथ होता रहता है।

बहुत अच्छे स्टॉक्स में कुछ ऐसी प्रॉब्लम आती हैं, जिनके कारण चार छह महीनों के लिए वो ऊपर नहीं जाते। काफी नीचे आ जाते हैं तो ऐसी स्थिती में आपको होल्ड करना चाहिए।

अगर आप पहले से ही उस स्टॉक में बहुत ज्यादा निवेश कर चूके हैं तो आपको एक चीज़ का ध्यान हमेशा रखना है कि किसी एक स्टॉक में चाहे जो हो जाए आपका इन्वेस्टमेंट, आपके टोटल पोर्टफोलियों का 10% से ज्यादा नहीं होना चाहिए

तो मान लीजिए आप शेयर बाज़ार में लाख रुपये लगाए हैं तो एक Share में आप ₹10,000 से ऊपर नहीं लगाएंगे, ये नियम आपको फॉलो करना चाहिए ।

तो अगर आप अपने पैसो का 10% हिसा किसी कंपनी लगा चूके हैं और उसके बाद वो टेम्पररी प्रॉब्लम के कारण गिर रहा है तो आपको इसमे और ज्यादा इन्वेस्ट नहीं करना चाहिए । और आप उस कंपनी को होल्ड करके रखेंगे ।

अपने Share को ऐवरेज कब करे

कब आपको शेयर को ऐवरेज करना चाहिए? उस Share को और खरीदना चाहिए। अगर आपके खरीदते ही वो 20 30% गिर जाए तो आपको खरीदना तब चाहिए। जब उस कंपनी में टेम्पररी प्रॉब्लम है। जैसा सेकंड केस में हुआ था।

जिसका एग्ज़ैम्पल, नेस्ले और बहुत सारी कंपनियों में ये होता रहता है। छोटे मोटे प्रॉब्लम के कारण वो कंपनी 20 30% गिर जाती है, तब लेने का बहुत अच्छा समय अच्छी कंपनी आपको हमेशा महंगी मिलेंगी।

किसी कारण से उसमें कुछ प्रॉब्लम हो जब उस कंपनी में कुछ प्रॉब्लम होगा अगर वो अच्छी कम्पनी तो वो सस्ते में तभी मिलेंगे जब उसमें कोई टेम्पररी प्रॉब्लम है या फिर मार्केट में बहुत ज्यादा पैनिक है तो टेम्पररी प्रॉब्लम के समय लेना बहुत अच्छा होता है। अगर आपने उस कम्पनी में मैक्सिमॅम 10% का थ्रेसहोल्ड क्रॉस नहीं किया है।

तो अगर आपने थोड़ा बहुत इन्वेस्ट किया है, जैसे अगर आपके पास लाख रुपए है तो आपने उस कम्पनी में तीन से चार हजार  लगाए हैं और वो Share बहुत गिर गया। लेकिन कंपनी में आपको भरोसा है तो उस स्थिती में आप चार पांच हजार रूपये और लगा सकते हैं।

लेकिन अगर आपने ऑलरेडी 10,000 लगा दिए हैं 1,00,000 में से तब नहीं लगा सकते। लेकिन इस चीज़ में ध्यान ये रखना है कि जो उस कंपनी में प्रॉब्लम है। जिसके कारण Share सस्ता हुआ है वो टेम्पररी हो, परमानेंट ना हो।

जैसे कैडबरी में भी प्रॉब्लम आया था। कुछ साल पहले पेप्सी कोको कोला में भी प्रॉब्लम आया था। कुछ साल पहले आज भी बहुत सारी ऐसी कंपनियां हैं, जिनमें टेम्पररी प्रॉब्लम्स है।

कई सारी ऐसी कंपनियां हैं तो आपको यह ध्यान रखना कि कहीं वो प्रॉब्लम परमानेंट तो नहीं हो जाएगी। चार महीने छह महीने, आठ महीने साल भर कोई प्रॉब्लम नहीं है। Share Market में तो लॉन्ग टर्म में ही पैसा बनता। लेकिन अगर आपने ये गलती कर दी कि जीस प्रॉब्लम को अपने टेम्पररी सोचा था। वो परमानेंट है तो पैसे का नुकसान हो जाएगा।

तो हमेशा खुद से यह सवाल पूछें कि क्या आज से छह महीने बाद या सालभर बाद मैं इस कंपनी को खरीद रहा हूँ? ये सोच के की उसमें टेम्पररी प्रॉब्लम है। क्या वो सालभर छह महीने बाद बंद हो सकती है? जब भी बंद होने वाला फिल्टर लगाएंगे।  तो आपको क्लियर हो जाएगा। कि क्या नेस्ले की मैगी में थोड़ा प्रॉब्लम आया था। तो मैगी बंद हो जाती है। नैशनल कंपनी बंद हो जाती मुश्किल था।

आज भी बहुत सारी ऐसी कंपनियां हैं, जिनमें प्रॉब्लम्स परमानेंट है। जिनमें प्रॉब्लम्स टेम्परेरी, टेम्पररी है। जरूर लीजिए अगर वो कंपनी फंडामेंटली स्ट्रॉन्ग है, बहुत अच्छा समय है बार्गेन वैल्यूएशन पर खरीदने का प्रॉब्लम परमानेंट है। जितना दूर रह सकते हैं दूर रहिए। देखिए टेम्पररी प्रॉब्लम में स्टॉक लेना अगर कंपनी अच्छी है, तो इस लिए अच्छा है। क्योंकि प्रॉब्लम टेम्पररी है। आज है कल नहीं रहेगा, लेकिन शेर प्राइस आज सस्ता मिल रहा है। कल नहीं मिलेगा। कल महंगा मिलेगा। जब वो प्रॉब्लम सॉल्व हो जाएगी तो आज सस्ते में लेके प्रॉब्लम खत्म होने का इंतज़ार करिए।

बहुत सारे सक्सेसफुल इन्वेस्टर, इतनी सिंपल स्ट्रेटेजी अपनाके बहुत प्रॉफिट कमाते हाँ, इसमें एक बात है कि 10 में से तीन बार आप भी गलत होगे और वो प्रॉब्लम परमानेंट निकलेगी, लेकिन जो सात बार आप सक्सेसफुल होंगे, वो आपका सारा नुकसान कवर अप कर लेगा और आपके रिटर्न बहुत अच्छे आयेंगे।

तो गलत होने से डरना बहुत जरूरी नहीं है। दुनिया में कोई भी हमेशा सही नहीं होता। आप कोई भी स्ट्रैटजी फॉलो करें, हमेशा सही नहीं होंगे। तो थोड़ी बहुत गलतियाँ होती रहेंगी उन्हें भूल के डिसिप्लिन से। ये जो मैने तरीके बताए, उससे इन्वेस्टिंग करते रहे, सक्सेसफुल होते रहिए। ध्यान रखिए, डिसिप्लिन रखना जरूरी है।

दोस्तों आज का यह आर्टिकल कैसा लगा? और आपका कोई सुझाव है प्रशन है तो आप हमे कमेन्ट करके बता सकते है।

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