Bitcoin के फायदे और नुकसान

हेल्लो दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम Bitcoin खरीदने के फायदे और नुकसान। अगर आप यह जानना चाहते है की Bitcoin कैसे काम करती है यह पर क्लिक करके हमारा पिछला आर्टिकल पड़ सकते है।

Bitcoin के फायदे:-

फर्स्ट जैसे स्टॉक्स और कमोडिटीव के फ्यूचर्स होते हैं, उसी तरह बिटकॉइन के फ्यूचर्स लॉन्च हुए हैं। CME ग्रुप शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज ग्रुप जो कि दुनिया का सबसे बड़ा फ्यूचर्स एक्सचेंज है, उन्होंने अभी दिसम्बर 2017 में बिटकॉइन के फ्यूचर्स को लॉन्च किया है।

 सेकंड जापान ने बिटकॉइन को लीगल कर दिया है जापान की एक बड़ी ई कॉमर्स कंपनी राकुतेन और कुछ दूसरे वेब साइट को एक्सेप्ट कर रही है।

 थर्ड bitcoin का सप्लाई लिमिटेड है। नए bitcoin रिलीज होने का रेट धीरे धीरे कम होता जा रहा है। लगभग हर 4 साल बाद बिटकॉइन माइनर्स को एक ब्लॉक माइंड करने के पीछे मिलने वाले बिटकॉइन की संख्या आदि हो जाती है ।

और जैसे कि हमें पता है कि जो भी नए बिटकॉइन बिटकॉइन मार्केट में आते हैं वो बिटकॉइन माइनर्स के जरिए ही आते हैं। पूरी दुनिया में टोटल 2,10,00,000 बिटकॉइन ही आयेगे और साल 2140 के करीब नए बिटकॉइन मार्केट में आना बंद हो जाएंगे। तो बिटकॉइन्स लिमिटेड होने के कारण भी उन्हें महत्व आने लगा है।

फोर्थ बिटकॉइन ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी यूज़ होती हैं, जो कि एक कमाल की और रिवोल्यूशनरी टेक्नोलॉजी साबित हो रही है। ब्लॉक चेन एक पब्लिक लेज़र है जहाँ पर बिटकॉइन के सारे ट्रांजैक्शन्स का रिकॉर्ड होता है।

और बिना किसी मीडिएटर यानी मध्यस्थ के, इसे मेंटेन किया जाता है और सिक्योर भी रखा जाता है। आने वाले टाइम में ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी आपको बैंकिंग और दूसरे सेक्टर्स में भी जरूर देखने मिलेंगी। बिटकॉइन में जो अलग अलग टेक्नोलॉजी यूज़ हुई है वो बिटकॉइन का प्लस पॉइंट है क्योंकि वो बिटकॉइन को सिक्योर रखने में मदद करती है।

फिफ्थ, जब कोई बिटकॉइन ट्रांजैक्शन करता है तो बिटकॉइन ट्रांजैक्शन जिन लोगों के बीच चल रहा है, उनका नाम नहीं पता चलता है  इससे ट्रांजेक्शन करने वालों को प्राइवेसी मीलती है।

Bitcoin इन्स्वेस्ट के फायदे:-

फर्स्ट अगर आप से अपने बिटकॉइन वॉलेट की प्राइवेट की और उसके बैकअप गलती से डिलीट हो जाती है या खो जाती है तो फिर आपके बिटकॉइन को वापस पाना इम्पॉसिबल है।

फॉर्च्यून मैगजीन के अनुसार नवंबर 2017 में जीतने बिटकॉइन मार्केट में अवेलेबल थे, उनमें से 17 से 23% बिटक्वाइन्स बिटकॉइन यूजर से लॉस हो गए हैं और जिन बिटकॉइन वॉलिट प्रोवाइडर या बिटकॉइन एक्सचेंज के साथ आप वॉलेट खेलते हो वो एक्स्चेंज अगर कुछ गडबड करता है तो आप उन बिटकॉइन को गंवा सकते हो।

आरबीआई ने दो तीन बार वार्निंग देते हुए कहा है। कि आरबीआई ने किसी बिटकॉइन एक्सचेंज या बिटकॉइन वॉलेट प्रोवाइडर को अब तक कोई लाइसेंस या अथॉरिटी नहीं दी है, इसलिए उन्होंने इन्वेस्टर्स को बिटकॉइन में इन्वेस्ट करते वक्त सावधानी बरतने के लिए कहा है।

सेकंड जैसे से भी कैपिटल मार्केट को रेगुलेट करती है आरबीआई बैंकिंग सिस्टम को रेगुलेट करती है। वैसे बिटकॉइन कोई भी रेगुलेट नहीं करता तो अगर बिटकॉइन मार्केट में कोई बिटकॉइन एक्सचेंजेस गडबड करते हैं।

अगर कोई बिटक्वाइन को मनी प्लांट करने की कोशीश करता है, तो उसपर ऐक्शन लेने वाला और जिन इनवेस्टर्स को उससे नुकसान हुआ है, उनकी सहायता करने के लिए यहाँ पर कोई रेगुलेटर नहीं है। थर्ड बिटकॉइन ट्रांजैक्शन स्नो होने की वजह से मनी लॉन्ड्रिंग और इल्लीगल ट्रांजैक्शन होने का ख़तरा होता है और ऐसा हुआ भी है।

ट्रांजेक्शन और टेररिज़म के लिए अगर ब्रिटेन का यूज़ बढ़ता है तो गवर्नमेंट बिटकॉइन पर कुछ रेगुलेशन लगा सकती है जिसका बीकॉम प्राइस पर ऐड्वैन्स इन्फैक्ट हो सकता है

फोर्थ बिटकॉइन की प्राइस बहुत ज्यादा फ्लक्चूएट होती है। द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार बिटकॉइन गोल्ड से 7.5 गुना ज्यादा वोलेटाइल है और ये स्टॉक मार्केट इंडेक्स सन फाइन्ड से आठ गुना ज्यादा बोला टाइल है।

फिफ्थ चाइना ने बिटकॉइन एक्सचेंज पर रोक लगा दी है और आईसीओजी यानी इनिशियल कॉइन अफ्रीन को बैन कर दिया है। साउथ कोरिया ने भी आईसीसी को बैन कर दिया है और वियतनाम ने बिटकॉइन को बैन कर दिया है।

इंडियन गवर्नमेंट ने अभी तक बिटकॉइन और दूसरी क्रिप्टोकरेंसी, इस पर कोई रेग्युलेशन नहीं लाया है इंडियन गवर्नमेंट बिटकॉइन के लिए क्या रेगुलेशन चलाती है? इस पर भी बहुत कुछ डिपेंड है और अगर कोई दूसरी क्रिप्टोकरंसी बिटकॉइन से सुपीरियर टेक्नोलॉजी और फीचर्स के साथ आती है तो वो भी बिटकॉइन के लिए लॉन्ग टर्म में एक थ्रेड रहेगा।

Leave a Comment