माइम in computer networks in hindi

Internet MIME (मल्टी पर्पज इन्टरनेट एक्सटेंशन ) आज E-mail तकनीक ने इतना विकास कर लिया है। कि सिर्फ Text ही नही बल्कि photo, audio और video आदि को Mail में send किया जा सकता है। इस प्रकार की सूचनाओं को E-mail संदेश के साथ एक अतिरिक्त File के रूप में भेजा जाता है।

MIME क्या होता है ? कंप्यूटर Protocol में

MIME 1991 में नेथन बोरस्टीन के द्वारा बनाया गया था। आज इसकी मदद से ही Internet यूज़र किसी E-mail में साधरण Text के बजाय फ़ॉर्मेट Text व photo आदि send कर सकते है।

MIME वर्ल्ड वाइड वेब के लिय एक वरदान क्योंकि http सर्वर माइम आधारित Document के निवेदन का उतर देता है । यदि कोई Browser निवेदन करता है । footer.jpg तो सर्वर माइम टाइप की image/jpeg को रिर्टन करेगा।

Web Browser तय करेगा कि Document के लिए उठाना है । या नही World Wide Web इन Fils संभालता है । तथा साथ ही इसे MIME के काम मे आने के लिये बनाता है । MIME इन्हें System के लिए रजिस्टर्ड करता है ताकि इनकी सुचनाओ के साथ ऊन्हें प्रोसस किया जा सके ।

MIME Protocol प्रेषक Computer से ईमेल संदेश तथा उससे जुडी File जिसमे Text , Picture, Audio, video आदि को प्राप्त करके उसे कोडित करता है । फिर उसे प्राप्ता कर्ता के Computer तक पहूॅचाकर पुनः कोडित कर देता है ।

Internet MIME

हमें MIME की आवश्यकता क्यों है?:-

  • SMTP एक बहुत सरल संरचना में होती है।
  • MIME केवल NVT 7-बिट ASCII प्रारूप में मेसेज भेजता है।
  • इसका यूज़ निचे दी गई भाषाओं के लिए किया जाता है ।
  • जो 7-बिट ASCII फॉर्मेट को सपोट नही करते है।
  • जैसे की – फ्रेंच, जर्मन, रूसी, चीनी और जापानी, आदि,
  • इसलिए इसे SMTP का उपयोग करके प्रेषित नहीं किया जा सकता है।
  • SMTP को अधिक व्यापक बनाने के लिए हम MIME का उपयोग करते हैं।
  • इसका उपयोग बाइनरी फाइल या Video या Audio डेटा भेजने के लिए नहीं किया जा सकता है।
  • Video & Audio फॉर्मेट के कारण MIME की जरूरत होती है।

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Summary:-

हमने आज की ब्लॉग पोस्ट में Internet MIME Computer Network के बारे में जाना है तो आप कमेंट करके जरुर बताना की यह पोस्ट केसी लगी ।

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